How to Write Essay in Hindi | How To Write Essay On Any Topic

   निबंध लेखन

निबंध वह होता है जिसमें विवरण विचार भाव स्मरण या व्यंग्य की सुगठित प्रस्तुति को ही निबंध कहते हैं।
निबंध  शब्द का अर्थ है- सम्यक रूप से बंधा हुआ। 

 निबंध के निम्न प्रकार होते हैं।

1. वर्णनात्मक अथवा विवरणात्मक निबंध,
2. विचारात्मक निबंध,
3. भावात्मक निबंध,
4. संस्मरणात्मक निबंध,
5. व्यंग्यात्मक निबंध

निबंध के प्रमुख अंग

मुख्य रूप से निबंध के तीन प्रमुख अंग माने जाते हैं।
(क) परिचय या प्रस्तावना,
(ख) विषय-वस्तु,
(ग)  उपसंहार या समापन


1. विचार स्पष्ट हो। 

विचार स्पष्ट होने का मतलब ऐसे शब्द चुनें जिससे कि उसका अर्थ समझ में आए।

 2. वाक्य छोटे व सरल हो। 

वाक्य छोटा व सरल होने का मतलब आसानी से समझ में आ जाए वह आसानी से पढ़ा जा सके। 

3. उदाहरण देकर अपनी बातों की पुष्ट करें।

 जो भी लिखें उसको उदाहरण देकर समझाएं जिससे आसानी से बातों को समझा जा सके और उसका मतलब निकाला जा सके।

 4.विचार करने से व्यक्ति हों। 

लिखी हुई बातों से कुछ अर्थ आसानी से अस्पष्ट जिस पर निबंध है उसके विचार स्पष्ट हो।

 5. वर्तनी शुद्ध हो लिखावट 

शुद्ध व सरल स्वच्छ लिखी प्रतीत करती हुई हों।

 6. किसी बात की पुनरावृति न हों।

 किसी भी वाक्य को बार-बार ना लिखें 

7. बहुत अधिक विस्तार ना हो।

 बहुत अधिक बढ़  के ना लिखें। बहुत अधिक बड़ा ना लिखें 

8.अंत में सभी बातों का सार हो। 

जो भी लिखें समाप्ति में सारी बातों का मतलब समझाते हुए सार को जरूर लिखें इस प्रकारइस प्रकार

                                                 देश भक्ति पर निबंध

 अपने देश की स्वतंत्रता और उसके स्वार्थ को सर्वोपरि समझने का गुण या भाव देशभक्ति है। अपने देेश के  लिए तन, मन ,धन सेे किया गया कार्य देशभक्ति है। हर व्यक्ति जिस देश मेंं जन्म लेता है या नागरिक होता है, वह देश उसकेेेे लिए  सबसे अधिक प्रिय होता है। " जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी," अर्थात माता तथा मातृभूमि स्वर्ग से बढ़कर है यह भावना जिस व्यक्ति मैं नहींं वह पशु केे सामान है जिस धरती पर हमने जन्म लिया,  पले-बढ़े, चलना, खेलना और हंसना सीखा।

जहां का अन्न जल ग्रहण करके हम बड़े हुए, जिसके कण-कण को गंदा - मैला किया, लेकिन फिर भी जिससे सदा स्नेह और पोषण मिल रहा, यदि हमें उस धरती मां से प्रेम नहींं तो धिक्कार है हमारे जीवन पर। अंग्रेज कवि स्टाक ने कहा है- जिस व्यक्ति ने अपनी जन्मभूमि से प्रेम प्रदर्शित नहीं किया, वह चाहे जितना धनवान, ज्ञानवान, बुद्धिमान क्यों ना हो, किंतु वह अपनी जाति का आदर -भजन सम्मान - भजन और प्रेम - भजन नहीं बनता।"
राष्ट्रीय एकता तथा प्रेम की भावना का प्रसार करने वाला ही सच्चे अर्थ में देशप्रेमी कहलाता है। जो व्यक्ति राष्ट्र वृद्धों कार्य करता है उसे मनुष्य कहलाने का अधिकार नहीं है।
इसी प्रकार आप आगे बहुत सारे निबंध लिख सकते हैं